दैनिक जागरण 4 जनवरी 2010

डॉक्टर किंजल्क ने जब सितार पर राग जयजयवंती की बंदिशें शुरू की, तो उपस्थित श्रोताओं के दिल के तार झंकृत हो उठे। उन्होंने अपने सितारवादन से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

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